Thursday, 10 March 2016

बाखली

           ( बाखली )

(लोकजीवन और संघर्ष को समर्पित राष्ट्रीय साहित्यिक पत्रिका )

 प्रकाशक – (गोदावरी प्रकाशन,)
पाण्डे गाँव, पोस्ट-पिथोरागढ़,जनपद-पिथोरागढ़,उत्तराखंड पिन -२६२५०१
jyotigirish.pandey60@gmail.com

पत्रव्यवहार का पता-
डॉ गिरीश चंद्र पाण्डेय प्रतीक
सम्पादक बाखली
पाण्डे गाँव पो.पिथौरागढ़
जनपद -पिथौरागढ़ 262501
उत्तराखंड
 सम्पादकीय mail
gcpandey76@gmail.com 
Mo/09760235569

निवेदन –सभी रचनाधर्मी साथियों से अनुरोध है कि बाखली पत्रिका अपने प्रथम अंक हेतु आप सब से रचनाएँ आमंत्रित करती है मई माह के दूसरे सप्ताह तक पहुंची रचनाओं पर ही इस अंक हेतु बिचार किया जाएगा उसके बाद पहुँचने वाली रचनाओं पर बाद वाले अंकों में ही विचार संभव होगा कुछ नियम हैं जिनको ध्यान में रखना आवश्यक होगा।

हमारा एक मात्र उद्देश्य -लोक जीवन,लोक संस्कृति और अपनी भाषा, बोली लोक जीवन में निहित शिक्षा के सरोकारों के अनछुए पहलुओं को प्रकाशित करना और देश कि विभिन्न संस्कृतियों और लोक जीवन को एक मंच देना और एक दुसरे से जोडना है उन्ही रचनाओं को प्राथमिकता दी जायेगी जो इन उद्देश्यों की पूर्ति करते हों \आप से यही आशा की जाती है की आप अपने गाँवों कि ओर लौटेंगे और वहाँ की धरोहरों को संजोने में हमारा साथ देंगे तभी भारत गाँवों का देश बना रहेगा \आपका साथ ही हमें मजबूत करेगा ।

बाखली का मतलब –बाखली उत्तराखंड की एक भवन निर्माण शैली है जो एक कलौनी नुमा मकान होता है जिसमे ३ से १० परिवार तक रहते है ,जो यह दर्शाती है की लोग सामुदायिक सहभागिता में विश्वास करते हैं ,एक दुसरे के सुख दुःख में शामिल होते हैं ,बाखली केवल एक भवन शैली नहीं यह उत्तराखंड लोक व्यवहार को भी परिभाषित करती है।

नियम-१-रचना कृतिदेव 016 फॉण्ट में ही हो ,वर्ड में ही बनी हो ।
 २-रचना के साथ अपना पता फोटो और परिचय जरूर भेजें ।
३-रचना राजनीति से प्रेरित कतई न हो ।
४-जिस भी विधा में रचना भेजें उसका उल्लेख उसके शीर्षक के साथ अवश्य करें
५-देशज शब्द जो कठिन लगते हों उन शब्दों के अर्थ अलग से जरूर नीचे दें
६-रचनाएँ पुख्ता जानकारी के साथ दें अगर कोई तथ्य कहीं से लिया गया है तो पूर्ण जानकारी दें
७-रचनाएँ संपादकीय मेल में ही भेजें
स्तंभ -
१-लोक पड़ताल –आलेख,निबंध,समालोचना
 २-लोक के किस्से- कहानी,उपन्यास के अंश,लघु कथा  
 ३-लोक में सम्वेदनाएँ –कविता ,गीत,गजल
 ४-लोक यात्रा –यात्रा वृतांत ,रिपोर्ताज ,संस्मरण
 ५-लोक और शिक्षा –शिक्षा से जुड़े शोध पत्र ,लोक भाषाओँ का अध्यन विश्लेषण तुलनातमकअध्ययन शब्द कोष
६-लोक का जायका –लुप्त होते हमारे पकवान व्यंजन और उनकी सामग्री और उनको बनाने की विधि ।
७-लोक कोष –कहावतें ,दुरूह शब्द ,पहनावा ,विधियाँ ,खेल जो लुप्त हो रहे हैं \या जो अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर नहीं आ पाईं हैं ।

6 comments:

  1. बहुत अच्छा प्रयास ...
    बाखली के सफल प्रकाशन हेतु हार्दिक शुभकामनाएं!

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  2. Hardik shubhkamnaye...

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  3. मै भी यात्रा वर्णन भेजना चाहता हूं ।
    गौचर यात्रा के नाम से उत्तराखंड यात्रा का वर्णन है। मार्च 18 मे ये यात्रा की गयी थी। हम लोग रीवा म प्र से हैं।

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  4. मै भी यात्रा वर्णन भेजना चाहता हूं ।
    गौचर यात्रा के नाम से उत्तराखंड यात्रा का वर्णन है। मार्च 18 मे ये यात्रा की गयी थी। हम लोग रीवा म प्र से हैं।

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  5. मैं अपनी कविता भेजना चाहती हूं।
    _सुमन कुकरेती

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