Monday, 5 January 2015

जो मेरा है

●●●●●●●जो मेरा है●●●●●●●●

ख्वाब तू मेरा है और ख्वाब ही रहेगा
रुआब तू मेरा है और रुआब ही रहेगा

सपनों को मेरे कोई चुरा नहीं सकता
सवाल तू मेरा है और सवाल ही रहेगा

क्यों बताऊँ किसी को मंजिल अपनी
जबाब तू मेरा है और जबाब ही रहेगा

सफाई क्यों देनी है अपने होने की तुझे
खयाल तू मेरा है और खयाल ही रहेगा

जज्बात मेरे हैं कोई उनको बदल न सके
अंदाज तू मेरा है और अंदाज  ही रहेगा

कुछ प्रश्न उछले हैं तेरे  शौक पर आज
प्रतीक तू मेरा है और प्रतीक ही रहेगा

डॉ गिरीश चन्द्र पाण्डेय प्रतीक
पिथोरागढ़ उत्तराखंड
04:59pm//04/01/15
©प्रतीक©

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