●●●●●√उठ नौजवान√●●●●●●●
चल उठ जा अरे ओ!!देश के नौजवान
तू ही है इसकी आन, मान और शान
लिखदे गौरव गाथा अपनी भुजाओं से
बन जा तू इस भारत वर्ष की पहिचान
कलम उठे तो लज्जित हो उसकी तलवार
सीमाओं पर तेरे शीने की इज्जत हो शानदार
लहूँ तेरा बन जाय जीवन रेखा भारत की
दुश्मन का मन दहल जाये हो जाये खबरदार
मृत्यु तुझे डिगा न पाए ,कर सबको हैरान
भय पैदा कर शत्रु दल में ,पर मत बनना हैवान
प्यार तेरे दिल में हो ,नारियल सा स्वाभिमान
मत भूलना, फर्ज है तेरा भारत माँ सम्मान
डॉ गिरीश चन्द्र पाण्डेय प्रतीक
पिथोरागढ़ उत्तराखंड
30//12//14//06/30pm
©गिरीश©
No comments:
Post a Comment